कौशांबी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कोखराज थाना पुलिस ने भरवारी कस्बे में एक महिला के मकान पर कथित रूप से अवैध कब्जा कराने और फर्जी कागजात तैयार कराने के मामले में भाजपा के पूर्व विधायक, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सहित सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पीड़ित महिला ने जनता दर्शन में मुख्यमंत्री से शिकायत की थी, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
नीलामी में खरीदी थी जमीन, बनाया था मकान
कोखराज थाना क्षेत्र की रहने वाली राजदुलारी पत्नी उमाशंकर का कहना है कि उनके पति ने वर्ष 1970 में नगर पंचायत (वर्तमान नगर पालिका परिषद) भरवारी से नीलामी में जमीन खरीदी थी और उस पर मकान बनवाया था। इसके अलावा 1979 और 1990 में भी उन्होंने दो अन्य संपत्तियाँ खरीदी थीं, जिन्हें आर्थिक परिस्थितियों के चलते बाद में बेच दिया गया। लेकिन भरवारी स्थित मूल मकान कभी नहीं बेचा गया।
तत्कालीन चेयरमैन की थी मकान पर नजर
राजदुलारी के मुताबिक मकान पर तत्कालीन चेयरमैन कैलाश चंद्र केसरवानी की नजर थी, लेकिन उनके पति के जीवित होने के कारण वे कुछ नहीं कर पाए। वर्ष 2004 में पति की मृत्यु के बाद आरोप है कि कैलाश चंद्र ने मौका पाकर असर-रसूख का प्रयोग किया और मुंबई में रहने वाले दिलीप, अजय, विजय और संजय को बुलाकर फर्जी कागजात तैयार कराए। कागजातों में उमाशंकर की मृत्यु 30 साल पहले दिखा दी गई और 2005 में मकान अवैध तरीके से दूसरों के नाम दर्ज करा दिया गया।
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विरोध करने पर पिटाई और घर से बेदखल
महिला का आरोप है कि जब उन्होंने विरोध किया तो उन्हें और उनके बच्चों को दबंगों की मदद से पीटकर घर से बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद लगातार शिकायतें करने पर भी किसी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई।
जनता दर्शन में CM से गुहार, फिर हुई FIR
राजदुलारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में पहुंचकर आरोप लगाया कि पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता, कैलाश चंद्र केसरवानी और उनकी पत्नी पूर्व चेयरमैन सुनीता केसरवानी ने राजनीतिक प्रभाव का उपयोग कर नगर पालिका अधिकारियों पर दबाव बनाया और मकान को गलत तरीके से दूसरे के नाम करा दिया। RTI में भी नगर पालिका प्रशासन ने कोई जवाब नहीं दिया।
सीएम के आदेश के बाद कोखराज पुलिस ने पूर्व चेयरमैन कैलाश चंद्र केसरवानी, पूर्व चेयरमैन सुनीता केसरवानी, पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता, दिलीप, अजय, विजय और संजय के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष चंद्रभूषण मौर्य के अनुसार, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
